हिन्दी व्याकरण : अलंकार

   अलंकार : अलंकार शब्द से अभिप्राय है आभूषण या गहना । काव्य में प्रयुक्त होने वाले अलंकार शब्दों एवं अर्थो की सुन्दरता में वर्द्धि करके उसी प्रकार चमत्कार उत्पन्न करते हैं जिस प्रकार आभूषण स्त्री के सौन्दर्य में वृद्धि करके करते हैं ।
अलंकार के भेद  :
1. अनुप्रास अलंकार : जहाँ व्यंजन वर्णों की आवृति एक या दो से अधिक बार होती है वहां अनुप्रास अलंकार होता है ।
उदाहरण – कंकन किंकिन नुपुर धुनि सुनि।

  1. यमक अलंकार : जब कविता में एक ही शब्द दो या दो से अधिक बार आए और उसका अर्थ हर बार भिन्न हो वहां यमक अलंकार होता है ।

उदाहरण : कहे कवि बेनी बेनी व्याल की चुराई लीनी।

बेनी = कवि का नाम।

बेनी = चोटी।

  1. श्लेष अलंकार : जहाँ शब्द का अधिक अर्थ में एक ही बार प्रयोग हो वहां श्लेष अलंकार होता है।

 उदाहरण : मधुवन की छाती को देखो,

                 सूखी कितनी इसकी कलियाँ

कलियाँ : खिलने से पूर्व फूल की दशा ।

कलियाँ : यौवन पूर्व की दशा ।

अन्य अलंकार यहाँ देखिए

Advertisements
This entry was posted in Hindi Grammar (हिन्दी व्याकरण) and tagged , , , . Bookmark the permalink.

8 Responses to हिन्दी व्याकरण : अलंकार

  1. Mahwish says:

    It’s so good

  2. vaibhav science lover says:

    its useful for my project. hahaha

  3. Aishwarya says:

    Where r the rest…. Alan kar……..?????

  4. shameena says:

    very helpful.good job.

  5. nagesh madamakki says:

    Nice info

  6. Subodh verma says:

    Thanks this is very impotent subject hindi grammer

  7. shivam says:

    not all the information provided

  8. thanks it is very useful for my first FA HINDI

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s